Warning: Creating default object from empty value in /home/wpchamp/public_html/kalyan/hn/wp-content/themes/kalyan-hn-theme/functions/admin-hooks.php on line 160

शब्द

अनुभूति शब्दों में आती नहीं, इसलिए शब्दों को पकडने या एक रूप बनने से या तिरस्कार करने से हम शब्दों से पर (ऊपर) उठ नहीं सकते । शब्दों को हृदयपूर्वक और विवेक से समझने का बहुत महत्व है, नहीं तो जीवन ऊपरी नकली जीया जाएगा ।

Tags: