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सलामती

समझ ही सलामती । इसके सिवा यह जगत में शांति या सलामती जैसा कुछ भी नहीं । हमारे अंदर अगर शांति होगी तो बहार भी शांति का अनुभव होगा । शांति और सलामती की खोज बाहर करेंगे तो उसका अंत आएगा नहीं, पूरा जीवन खर्च हो जाएगा ।

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