समग्रता

समग्रता में जीना यही अपने जीवन का सार है । वही सच्चा ध्यान है, सच्चा शिक्षण है, सच्ची सेवा है, सच्ची आंतरिक यात्रा है । यह यात्रा पूरा जीवन चलती रहती है और परिणाम वशः हमारे में शक्ति, स्फुर्ति आती रहती है ।

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