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मौन

हंमेशा सत्य बोलने से विचारों का व्यर्थ प्रयत्नों का अंत आता है और जीवन में मौन की अनुभूति होती है, परिणाम स्वरुप जीवन में शांति प्रवेश करती है । हकीकत में मौन और शांति वह अपना सहज स्वभाव है स्वरुप है ।

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