Warning: Creating default object from empty value in /home/wpchamp/public_html/kalyan/hn/wp-content/themes/kalyan-hn-theme/functions/admin-hooks.php on line 160
Tag Archives: दुःख

संबंध

हमारे खुद के साथ संबंध नहीं है,  इसलिए भय और दुःख लगता है और बोरियत होती है । सब इन्द्रियों का सहयोग मिले इसके लिए खुद के साथ संबंध हो वह जरुरी है । संबंध मतलब संतुलन, एकता समग्रता ।

अहम का खेल

हमारा “मैं” हंमेशा दूसरो के प्रभाव के नीचे जीता है इसलिए मैं को पोषण मिलता है और हमको सुखदुःख व भय के अनुभव होते रहते हैं । हकीकत में यह सब हमारे मन के अर्थात “मैं” का खेल है । नींद से जागे और आसक्त न हो तो सुख या दुःख जैसा कुछ होता ही […]