Warning: Creating default object from empty value in /home/wpchamp/public_html/kalyan/hn/wp-content/themes/kalyan-hn-theme/functions/admin-hooks.php on line 160
Tag Archives: मौन

मौन

हंमेशा सत्य बोलने से विचारों का व्यर्थ प्रयत्नों का अंत आता है और जीवन में मौन की अनुभूति होती है, परिणाम स्वरुप जीवन में शांति प्रवेश करती है । हकीकत में मौन और शांति वह अपना सहज स्वभाव है स्वरुप है ।

एकांत

हृदय की समझ (ऊगे) पनपे तो भरी भीड में एकांत का अनुभव हो, यह सच्चा ध्यान है । हकीकत में भरे भरे जगत में हम अकेले ही है इसके बावजूद बाहरी और आंतरिक तरीके से हंमेशा प्रतिक्रिया और प्रतिकार करते हैं इसलिए एकांत खो जाता है । भीतर के मौन के लिए एकातं अदभुत निवास […]

सत्य की यात्रा

सत्य की यात्रा हर एक को व्यक्तिगत करनी होती है । अपने खुद के सुख शांति के लिए, अपने ही लाभ और कल्याण के लिए जीवन में से और जीवन के अटपट व्यवहारों से प्रमाणिक तरीके से गुजरना है । समझकर मौन रहना यह विवेक है और विवेक से पूर्ण जीवन सहज रुप से गुजरता […]