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Tag Archives: विश्वास

विश्वास

विश्वास वही भगवान । अगर खुद के ऊपर विश्वास आए तो सभी के ऊपर विश्वास आएगा । अगर खुद के पर विश्वास नहीं होगा, तो किसी पर भ विश्वास नही होगा । विश्वास जगेगा तो सहजता आएगी, जीवन में रिधम (लय) आएगा । जीवन से गुजरते गुजरते विश्वास जन्म लेता है और वह क्षणिक नहीं […]

सजगता

सजग रहने का अगर हंमेशा ख्याल रखना पडता हो जीवन जीने में अवरोधरुप बनता है । पल पल मरना और जीना आ जाए तो जाग्रत ही रहे । हमारे में सहज रुप से शक्ति, विश्वास और मुक्ति भीतर से प्रकट होती है ।

हल्कापन (हळवाश)

हकीकत में जीवन नित्य नूतन है, पल पल नयी है| नित्य नूतन जीवन जीने से जीवन की हर एक समस्या हल होती है । समस्या जन्म ले और तुरंत उसका हल मिले तो समस्या का बोझ कभी लगता नहीं, इसलिए जीवन में हलकापन आता है । हलकापन आने से जीवन के ऊपर अखंड विश्वास भी […]

जो मुक्त करे वह सच्चा शिक्षण

जन्म से मृत्यु तक हम हररोज नए तरीके से जीवन जीए तभी हमारे जीवन में शिक्षण का आरंभ होता है । यह शिक्षण का आरंभ होने के बाद उसका अंत आता नहीं और खूबी की बात है कि ऐसे स्वयं शिक्षण से हमारे जीवन में निरंतर स्फुर्ति रहती है । जीवन के ऊपर विश्वास आता […]

आधार का अंत, जीवन का आरंभ

मानसिक रूप से आधारो का अंत आते ही जीवन का आरंभ होता है और आंतरिक मुक्ति की तरफ अपनी गति होती है । यह अपने हाथ की ही बात है । हमको सच्ची भूख और व्याकुलता है तो मानसिक तौर पर सब आधारो के बिना, स्वतंत्र मुक्त जीवन जी सकते हैं । आलसीपना हमारा सबसे […]