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शब्द

अनुभूति शब्दों में आती नहीं, इसलिए शब्दों को पकडने या एक रूप बनने से या तिरस्कार करने से हम शब्दों से पर (ऊपर) उठ नहीं सकते । शब्दों को हृदयपूर्वक और विवेक से समझने का बहुत महत्व है, नहीं तो जीवन ऊपरी नकली जीया जाएगा ।

संगीतमय अखंड जीवन

हम व्याख्यान, भाषण कथाएं सब खंडित तरीके से सुनने में पूरा जीवन खर्च कर देते हैं । हम इस विषय में मनन-चिंतन करके खुद के भीतर का मार्ग ढूँढते नहीं इसलिए जीवन इसी के राग द्वेष और बोरियत के मार्ग पर चलता है । खंडितका अर्थ है सीमित दृष्टि, ऊपरी दृष्टि । जीवन और संसार […]