Tag Archives: सरलता

वर्तमान

वर्तमान में हम दूसरों को सुनते नहीं, इसलिए हमारे में सहजता, सरलता, नम्रता आती नहीं । खंडित सुनने से हमारे में स्मृति का संचय होता है और फिर उसके ऊपर मंथन – चिंतन चलता रहता है । बस हमारा वर्तमान इसमें ही खर्च हो जाता है ।

जाहिर में आना

(खुल्ले) जाहिर में आना मतलब अपने अहम का विस्तार करना । जाहिर में आने का प्रयत्न करने से आंतरिक तौर पर पीछे पड जाते हैं तथा छोटे भी बन जाते हैं । यह बात विवेकपूर्ण देखने से अपने में सहजता, सरलता आएगी ।